National News – 17000 भारतीय यूक्रेन से निकले, प्रत्येक नागरिक को वापस लाएंगे – विदेश मंत्रालय

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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National News. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि लगभग 17,000 भारतीय नागरिक यूक्रेन की सीमाओं को छोड़ चुके हैं।जनवरी के अंतिम सप्ताह में सलाह जारी किया गया था। यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने रूसी पक्ष से मिली सूचना के आधार पर सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत खारकीव छोड़ने को कहा है।

क्या पीएम नरेंद्र मोदी आज रात फिर से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे इसके जवाब में अरिंदम बागची ने कहा कि PM कई देशों के नेताओं से बात कर रहे हैं। जब भी ऐसी बातचीत होती है तो हम आपके साथ साझा करते हैं। मैं पहले से कुछ नहीं कहना चाहूंगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जिन लोगों ने अपना भारतीय पासपोर्ट खो दिया है, उन्हें आपातकालीन प्रमाणपत्र जारी करने के लिए एक क्रियाविधि स्थापित की गई है। मुझे लगता है कि इससे कई भारतीय छात्रों को भी मदद मिलेगी।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम अपने सभी नागरिकों से आग्रह करेंगे कि वे खारकीव को छोड़कर तुरंत सुरक्षित क्षेत्रों या आगे पश्चिम की ओर चले जाएं। यूक्रेन में रहने वाले भारतीय नागरिक चंदन जिंदल का बुधवार को स्वाभाविक कारणों से निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में थे। हम यूक्रेन से प्रत्येक भारतीय नागरिक को वापस लाएंगे।

यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर एक विशेष विमान राष्ट्रीय राजधानी के हवाई अड्डे पहुंचा। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने विमान से भारत पहुंचे लोगों का स्वागत किया। यूक्रेन छोड़ने वाले भारतीयों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है।

खारकीव में जो भारतीय फंसे हैं, उन्हें तुरंत वहां से किसी दूसरी जगह चले जाने का एडवाइजरी जारी की गई है। इसके लिए खार्किव के पास की तीन जगह (पिसोचिन,बेज़लुडोव्का और बाबे) सुरक्षित जोन बताई गई हैं। नागरिकों को आज 6 बजे (यूक्रेनी समय) तक इन इलाकों में पहुंचने को कहा गया है।

एडवाइजरी रूसी पक्ष से प्राप्त इनपुट के आधार पर जारी की गई है। सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत खारकीव छोड़ने को कहा है। कई भारतीय छात्रों को भी मदद मिलेगी।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।