Crime News Indore – इंदौर में तस्करी गिरोह से डेढ़ करोड़ का उल्लू और कछुआ बरामद

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

 

इंदौर के आसपास के जंगलों से उल्लू पकड़कर इसकी तस्करी करने वाले गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने दतोदा से दुर्लभ प्रजाति का उल्लू और एक कछुआ बरामद कर एक तस्कर को पकड़ा है। बरामद उल्लू की कीमत डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है।

डीसीपी क्राइम ब्रांच निमिष अग्रवाल ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने बताया कि दो आरोपी उल्लू को बेचने की फिराक में घूम रहे थे।

हालांकि वन विभाग ने एक ही आरोपी की सुपुर्दगी की बात कही है। आरोपी का नाम मुकेश जामरे (सागरपेशा तहसील महू ) है। अब इस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर उल्लू खरीदने वाली गैंग तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

उल्लू की कीमत डेढ़ करोड़ रुपए, वजन से बिकता है

उल्लू को दीपावली पर महंगे दाम पर बेचने के लिए घर में ही वजन बढ़ाया जा रहा था। आरोपी ने बताया की उल्लू कहीं से उसके खेत में आ गया था।

जिसके बाद उसने उसे पकड़ लिया। उसे घर में चूहा, मुर्गा खिलाकर वजन बढ़ाया जा रहा था। उल्लू का वजन करीब 4 किलो तक होना चाहिए, इससे उसकी कीमत एक से डेढ़ करोड़ रुपए तक मिल जाती है।

कछुए की भी तस्करी

तंत्र क्रिया करने वाले कथित तांत्रिक 4 किलो वजन का उल्लू बुलवाते हैं। निमाड़ अंचल में तंत्र क्रिया के नाम पर 20 नाखून वाले कछुए की भी तस्करी होती है। सामान्यत: कछुए के चार पैरों में 12 नाखून होते हैं। कुछ लोग सर्जरी कर नाखून लगा देते हैं।

उल्लू के शिकार या तस्करी पर तीन साल की जेल

उल्लू विलुप्त प्रजाति के पक्षियों की श्रेणी में है। भारतीय वन्य जीव अधिनियम 1972 की अनुसूची-एक के तहत उल्लू संरक्षित है। इसकी तस्करी या शिकार करने वाले को कम से कम 3 साल जेल की सजा का प्रावधान है।

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।