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(विचार मंथन) सेना में कॉन्ट्रैक्ट भर्ती 

(लेखक-सिद्धार्थ शंकर)

भारतीय सेनाओं में 4 साल के लिए सैनिकों की भर्ती वाली अग्निपथ स्कीम का ऐलान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं की विश्व की बेहतरीन सेना बनाने के लिए रक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने एक बड़ा फैसला लिया है। हम अग्निपथ स्कीम ला रहे हैं। इससे भारतीय युवाओं को अग्निवीर के तौर पर सेवा का मौका दिया जाएगा। इससे देश की सुरक्षा मजबूत होगी और युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। देश का हर युवा जीवन में सेना की भर्ती का सपना देखता है। इस अग्निपथ योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को अन्य क्षेत्रों में जाने के भी अच्छे अवसर मिलेंगे। यही नहीं सेनाओं को भी हाई स्किल रिसोर्स मिल सकेगा। अग्निवीरों के लिए एक अच्छा पे-पैकेज मिलेगा। इसके अलावा एग्जिट के वक्त अच्छी रकम दी जाएगी। इस स्कीम से सेनाओं के पास युवा शक्ति होगी। इससे फिटनेस का लेवल और बेहतर हो सकेगा। फिलहाल भारत की सेनाओं की औसत आयु 32 वर्ष है। इस स्कीम के लागू होने से यह 24 से 26 वर्ष ही रह जाएगी। यही नहीं सेनाओं को हाई स्किल रिसोर्स भी मिल सकेगा। अग्निवीरों के लिए एक अच्छा पे-पैकेज मिलेगा। इसके अलावा एग्जिट के वक्त अच्छी रकम दी जाएगी। यदि अग्निवीर सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान देता है तो उसके परिवार को करोड़ रुपए की राशि दी जाएगी। इसके अलावा दिव्यांग होने की स्थिति में 48 लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की जाएगी। अग्निपथ मॉडल के तहत सेना में रैंक से नीचे के अधिकारियों की भर्ती की जाएगी। 4 साल की सेवा में 6 महीने की ट्रेनिंग अवधि भी शामिल है। अग्निपथ के जरिए सेना का हिस्सा बने सैनिकों को प्रति माह 30 हजार से 40 हजार रुपए तक सैलरी मिलेगी। अग्निपथ योजना रक्षा बलों का खर्च और उम्र घटाने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है। चार साल के बाद 80 प्रतिशत सैनिकों को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा और आगे रोजगार के अवसर मुहैया कराने में सेना उनकी मदद करेगी। देश की सेवा कर चुके ऐसे प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं के लिए नौकरियां आरक्षित करने में विभिन्न कारपोरेशंस को भी रुचि होगी। सशस्त्र बलों का शुरुआती अनुमान है कि अगर योजना के तहत अच्छी खासी संख्या में सैनिकों की भर्ती हुई तो वेतन, भत्तों और पेंशन के मद में हजारों करोड़ रुपये की बचत होगी। रिक्तियां होने की स्थिति में योजना के तहत भर्ती सर्वश्रेष्ठ युवाओं को सेना में बने रहने का अवसर भी मिल सकता है। सैन्य मामलों के विभाग ने योजना बनाने से पहले आठ देशों के इसी तरह के मॉडल का अध्ययन किया था। कोरोना महामारी के कारण पिछले दो वर्षों में सशस्त्र बलों में सैनिकों की भर्ती में भारी कटौती की गई है। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्तमान में सेना, वायु सेना और नौसेना में 1,25,364 पद खाली हैं। इस अभियान का मकसद सरकार की लागत को कम करने के साथ-साथ हर साल हजारों प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार देना है। आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित कॉलेजों के छात्र जो सशस्त्र बलों में उच्च प्रौद्योगिकी अभियान के विस्तार में योगदान दे सकते हैं, उन्हें एक छोटे कार्यकाल के लिए सेवा देने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। जिसके बाद वे नागरिक दुनिया में करियर बना सकते हैं। तो अब इंतजार किस बात का, अगर आप में देशभक्ति का जज्बा है, आप देश सेवा को इच्छुक हैं, और साथ ही साथ एक रोमांच और साहस भरी जिंदगी जीना चाहते हैं तो भारतीय सेना के द्वार खुलने वाले हैं। कोई भी युवा सेना के मापदंड पर खरा उतर कर भारतीय सेना का हिस्सा बन सकता है और अपना, अपने परिवार का और अपने देश का एक गौरवशाली भविष्य सुनिश्चित कर सकता है।
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