भारत और थाईलैंड के बीच रक्षा संबंधों को और गहरा करने वाला संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री’ युद्ध अभ्यास -XV थाईलैंड के सूरत थानी स्थित विभावदी रंगसित कैंप में औपचारिक रूप से शुरू हो गया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता रॉयल थाई आर्मी के चौथे आर्मी एरिया कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नोराथिंप फोयनोक ने की। यह अभ्यास 31 अगस्त तक चलेगा।
कंपनी स्तर पर आयोजित यह संयुक्त प्रशिक्षण जंगल और अर्ध-शहरी भू-भाग पर केंद्रित है। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों सेनाओं की संयुक्त काउंटर-इंसर्जेंसी और काउंटर-टेररिज्म क्षमताओं को बढ़ाना है। भारतीय सेना और रॉयल थाई आर्मी के जवान एक-दूसरे के परिचालन अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं। इससे अंतर-संचालन क्षमता, पारस्परिक समझ और सैनिक सौहार्द को और बल मिलेगा।
दक्षिण-पूर्व एशिया में आतंकवाद और उग्रवाद की चुनौतियाँ लगातार जटिल होती जा रही हैं। ऐसे में भारत और थाईलैंड जैसे साझेदार देशों का संयुक्त प्रशिक्षण क्षेत्रीय सुरक्षा वास्तुकला को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मैत्री श्रृंखला लंबे समय से दोनों देशों के बीच सैन्य विश्वास और सहयोग का प्रतीक रही है। इस अभ्यास के माध्यम से दोनों सेनाएँ वास्तविक परिदृश्यों में एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाने का अवसर पा रही हैं, जो भविष्य में किसी भी संयुक्त अभियान में निर्णायक साबित हो सकता है।
रणनीतिक दृष्टि से देखें तो यह अभ्यास भारत की एक्ट ईस्ट नीति और थाईलैंड के साथ व्यापक रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने वाला है। यह न केवल द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। ‘मैत्री’ युद्ध अभ्यास-XV की सफलता दोनों सेनाओं के पेशेवर रिश्ते को नई ऊँचाई तक ले जाने वाली साबित होगी।


