पानी के लिए पाक सेना के कमांडो लड़ रहे है अपने ही अन्य सैनिकों से, पाक सपना पाले है भारत से युद्ध का

Dr Rajesh Jauhri
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drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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पाकिस्तान के दक्षिण वजीरिस्तान के ऊपरी क्षेत्र स्थित ‘आसमा मंजा सैन्य ब्रिगेड’ मुख्यालय में हाल ही में हुई घटना पाकिस्तान की आंतरिक कमजोरियों को रेखांकित करती है। रिपोर्टों के अनुसार, गंभीर जल संकट के कारण एसएसजी कमांडो, फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट के अधिकारी, फ्रंटियर कोर तथा खुफिया कर्मियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। पानी के टैंकर पर प्राथमिकता को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि लात-घूंसे चले। 22 सुरक्षा कर्मी घायल हुए, जिनमें से नौ की हालत गंभीर होने पर उन्हें हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट करना पड़ा।

दुश्मन के हमले की जरूरत नहीं पड़ी। खुद अपनी सेना के विभिन्न घटक एक-दूसरे से भिड़ गए। यह घटना महज स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि पाकिस्तान की सैन्य रसद व्यवस्था और बुनियादी प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में तैनात जवानों को पीने का पानी सुनिश्चित नहीं कर पाना सैन्य क्षमता पर गंभीर सवाल उठाता है।

भारत एक ऐसे पड़ोसी से निपट रहा है जिसकी सेना को अपने शिविरों में जल की व्यवस्था करने में भी कठिनाई हो रही है। आम नागरिक पहले से आर्थिक संकट, महंगाई और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं, फिर भी पाकिस्तान सरकार रक्षा बजट बढ़ाती जा रही है, भारत को चुनौती देने और सीमा पार आतंक फैलाने के मकसद से। यह प्राथमिकताओं का स्पष्ट विचलन है।

किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी आंतरिक स्थिरता और संसाधन प्रबंधन में निहित होती है। बाहरी दुश्मन बनाने और उकसावे की नीति अंततः स्वयं को कमजोर करती है। पाकिस्तान को अपने आंतरिक संकट- जल, अर्थव्यवस्था, शासन और सैन्य अनुशासन, का समाधान करना चाहिए। अन्यथा यह विखंडन की ओर बढ़ता रहेगा। इतिहास गवाह है कि आंतरिक दरारें बाहरी दबाव से कहीं अधिक घातक सिद्ध होती हैं। चाहे बलूचों का विद्रोह देख लीजिये या फिर पाक अधिकृत कश्मीर में लोगों में पनप रहा अत्यधिक अलगाववाद या फिर पाकिस्तान की आम जनता में सेना और ISI के विरुद्ध गहराता गुस्सा, ये सारे बिंदु पाकिस्तान को टुकड़े- टुकड़े में विभाजित करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं। पाकिस्तानी हुक्मरान अभी भी समझ जाये तो अच्छा है, नहीं तो भारत के टुकड़े करने के मंसूबे पाले पाकिस्तान के कई टुकड़े हो जायेंगे।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families