Religious And Spiritual News – आज उत्पन्न एकादशी पर करें ये उपाय, घर में रहेगी बरकत

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

पद्म पुराण के मुताबिक इस दिन व्रत या उपवास करने से हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं। साथ ही कई यज्ञों को करने का फल भी मिलता है। इस बार उत्पन्ना एकादशी पर आयुष्यमान और द्विपुष्कर योग होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है।
इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है। ये उपाय बहुत ही आसान हैं। आगे जानिए उत्पन्ना एकादशी पर आप कौन-से उपाय कर सकते हैं.
1. उत्पन्ना एकादशी के दिन किसी विष्णु मंदिर में पीले पुष्प की माला अर्पित करें, साथ ही भगवान विष्णु को तुलसी के पत्तों वाली केसरयुक्त खीर का भोग लगाएं।
2. एकादशी की सुबह पीपल के पेड़ की पूजा करें, पेड़ की जड़ में कच्चा दूध चढ़ाएं और घी का दीपक जलाएं। सके बाद पीपल की 7 परिक्रमा करें।
3. एकादशी के दिन निर्जला व्रत करना चाहिए। व्रत का संकल्प लें और अगले दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाने के बाद ही स्वयं भोजन करें।
4. एकादशी पर सुहागिन स्त्रियों को घर पर भोजन के लिए आमंत्रित करें। उन्हें फलाहार करवाएं और सुहाग की सामग्री भेंट करें। इससे देवी लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी।
5. एकादशी पर तुलसी पूजा अति लाभकारी है। तुलसी को गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं और आरती करें। संभव को हो तो तुलसी नामाष्टक का पाठ भी करें।
6. उत्पन्ना एकादशी पर दक्षिणावर्ती शंख की पूजा करें। बाद में इसी शंख में गाय का दूध लेकर भगवान विष्णु की प्रतिमा का अभिषेक करें। इससे घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती।
7. एकादशी पर भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें और पीले फल, अन्न और पीले वस्त्र चढ़ाएं। बाद में ये सभी चीजें जरूरतमंदों को दान कर दें।
8. उत्पन्ना एकादशी पर मोती शंख की पूजा करें और इसे लाल कपड़े में बांधकर अपने धन स्थान जैसे तिजोरी आदि में रख दें। इससे घर में बरकत बनी रहेगी।
Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।