Religious And Spiritual News – Kharmas 2021: इस दिन से शुरू होगा खरमास, इन शुभ कार्यों पर एक महीने रहेगी रोक

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Kharmas 2021: खरमास का हिंदू धर्म में काफी महत्व होता है.

खरमास को मलमास के नाम से भी जाना जाता है. खरमास एक महीने का होता है. आध्यात्मिक कार्यों को करने के लिए खरमास उत्तम माना जाता है.मगर खरमास महीने में कोई भी शुभ कार्य नहीं होते हें.सूर्य 16 दिसंबर 2021 (गुरुवार) से धनु राशि में प्रवेश कर रहा है और इस दिन से मलमास की शुरुआत होने वाली है. 14 जनवरी 2022 (शुक्रवार) तक खरमास रहेगा

जानें, क्यों लगता है खरमास

सूर्य ग्रह (Kharmas 2021) को सबसे प्रधान ग्रह माना जाता है. यह एक राशि में लगभगन एक महीने तक रहता है. सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में जाने को संक्रांति कहा जाता है. वहीं जब सूर्यदेव देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु और मीन आते हैं, खरमास लग जाता है. कहा जा रहा है कि 14 मार्च को सूर्य मीन राशि में प्रवेश कर रहे हैं.

इन गलतियों को न करें (Kharmas 2021 do’s and don’ts)

1. वैवाहिक कार्य, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, मुंडन आदि कोई भी मांगलिक कार्य न करें.

2. मन में किसी के प्रति बुरी भावना न लाएं. किसी से लड़ाई-झगड़ा न करें और न ही झूठ बोलें.

3. इस माह के दौरान मांस-मदिरा और शराब का सेवन न करें. संभव हो तो प्याज और लहसुन से भी परहेज करें

4. ऐसी मान्यता है कि खरमास के दौरान मांस-मदिरा आदि का सेवन अशुभ होता है.

5. खरमास में भगवान विष्णु की पूजा बहुत लाभकारी माना जाता है. मां लक्ष्मी की कृपा होती है.

जानिए किस दशा में लगता है खरमास (Kharmas 2021)

जब से सूर्य बृहस्पति राशि में प्रवेश करता है तभी से खरमास या मलमास या अधिकमास शुरू हो जाता है. हिन्दू धर्म में यह महीना शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए इस महीने में नए या शुभ काम नहीं किए जाते हैं. खरमास महीने के अपने कुछ अलग नियम बताए गए हैं. इस महीने में हिन्दू धर्म के विशिष्ट व्यक्तिगत संस्कार जैसे नामकरण, यज्ञोपवीत, विवाह और कोई भी धार्मिक संस्कार नहीं होता है. मलिन मास होने के कारण इस महीने को मलमास भी कहा जाता है.

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।