Sadbhawna Paati - Indore News in hindi, Indore News TodaySadbhawna Paati - Indore News in hindi, Indore News Today
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर
  • देश
  • नागरिक पत्रकारिता
    • विडियो – एआई (AI) पर खबर बनाना सीखें और सबमिट करें
    • Register
    • Login
    • पोस्ट सबमिट करें
Search
  • अर्थव्यवस्था / बाजार
  • About Us
  • Contact Us
  • FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  • technology
  • E-Paper
  • Digital Connect
  • बॉलीवुड
  • शिक्षा
  • अपराध
  • नियम और शर्तें
© 2026 Sadbhawna Paati News. All Rights Reserved.
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
Sadbhawna Paati - Indore News in hindi, Indore News TodaySadbhawna Paati - Indore News in hindi, Indore News Today
  • होम
  • नागरिक पत्रकारिता
Search
  • होम
  • देश
  • अंतरराष्ट्रीय
  • प्रशासन
  • राजनीति
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर
    • Indore Latest News
    • Indore News In Hindi
  • नागरिक पत्रकारिता
    • Register
    • Login
    • पोस्ट सबमिट करें
    • Password Reset
  • अपराध
    • Indore Crime News
    • Latest Crime News
  • अर्थव्यवस्था / बाजार
  • कोर्ट / कानून
  • शिक्षा
  • बॉलीवुड
    • फैशन
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • फूड
  • संपादकीय
    • लेख
    • विचार
  • विशेषज्ञ / सलाह
  • रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर
  • ग्रामीण / कृषि / पशुपाती
  • धर्म / संस्कृति
  • पर्यावरण
  • पाठक पत्र
  • फोटो फीचर
  • यात्रा और पर्यटन
  • साक्षात्कार
  • Digital Connect
  • विज्ञापन
  • कविता
  • व्यंग्य / कार्टून
  • सिविक बीट
  • शिकायत
    • समाधान
  • About Us
  • Contact Us
  • FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  • नियम और शर्तें
  • शिकायत/आपत्ति दर्ज करें
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर
  • देश
  • नागरिक पत्रकारिता
© 2026 Sadbhawna Paati News. All Rights Reserved.
Sadbhawna Paati - Indore News in hindi, Indore News Today > Sadbhawna Paati Reporter > डीएवीवी में बड़ी गड़बड़ी -अधिकारियों की मिली भगत से लैब टेक्निशियन को एमबीए प्रभारी बनाया

डीएवीवी में बड़ी गड़बड़ी -अधिकारियों की मिली भगत से लैब टेक्निशियन को एमबीए प्रभारी बनाया

Last updated: January 9, 2024 6:42 pm
By
sadbhawnapaati
Bysadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
Follow:
9 Min Read
SHARE

Contents
    • 200 से अधिक कॉलेज हैं विश्वविद्यालय के अंडर में –
    • आरटीआई कार्यकर्ता को दिखाने पड़े राज्य सूचना आयोग और सुप्रीम कोर्ट के आदेश –
  • वर्सन –
      • अधिकारियों की मिली भगत से पहले भी कई गड़बड़िया हो चुकी है विवि में –
      • सूचना के अधिकार का नियम
        • आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा चाही गई जानकारी
  • बीस साल से लाभ के पद पर काम कर रहा लैब टेक्नीशियन
  • डीएवीवी ने नहीं दी आरटीआई कार्यकर्ता को जानकारी
  • जानकारी नहीं मिलने पर अपील में गए कार्यकर्ता की दो माह बाद की सुनवाई

विनय वर्मा.

Indore Davv News। इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में अधिकारियों ने अपने फायदे के लिये लैब टेक्निशियन को एमबीए में प्रभारी के पद पर बैठा दिया जबकि बीस साल पहले विश्वविद्यालय में अनिल पाठक को लैब टेक्निशियन के पद पर नियुक्त किया गया था लेकिन वह अधिकारियों से सांठ गांठ कर लाभ के पद एमबीए में प्रभारी बन बैठा और बीस साल से वहां पर कार्य कर रहा है।

अनिल पाठक की सैंटिंग कितनी तगड़ी है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीस साल में कई अधिकारी विश्वविद्यालय में आए और गए लेकिन उक्त कर्मचारी का कोई बाल भी बांका नहीं कर सका, यहां तक कि जब आरटीआई कार्यकर्ता जय आहुजा और ललित पारिख ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी तो विभाग ने उनको जानकारी देने से इंकार कर दिया।

इस पर दोनों ने फिर अपील की जिस पर विभाग ने लंबे समय तक उनको लटकाए रखा और फिर लगभग दो माह बाद उनसे चर्चा की जिसमें फिर से उनको जानकारी देने से विभाग ने मना किया, जिस पर दोनों ने विश्वविद्यालय की कुलपति ओर रजिस्ट्रार को राज्य सूचना आयोग और सुप्रीम कोर्ट का आदेश दिखाते हुए कहा कि आप किसी कर्मचारी के विषय में चाही गई जानकारी देने से मना नहीं कर सकते, तब अधिकारियों ने सात दिन में जवाब देने की बात कही और पंद्रह दिन बाद भी उनको कोई जवाब विभाग की तरफ से नहीं मिला है। अब आरटीआई कार्यकर्ता आगे की कार्रवाई के लिये राज्य सूचना आयोग में जाने की तैयारी कर रहे हैं।

200 से अधिक कॉलेज हैं विश्वविद्यालय के अंडर में –

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अंडर में 200 से अधिक कॉलेज आते हैं जिनकी अनुमति से लेकर सभी कार्य अनिल पाठक देखता है। विश्वविद्यालय में अनिल पाठक की लैब टेक्निशियन के पद पर नियुक्ति हुई थी लेकिन सबसे बड़ी विडंबना तो यह है कि अनिल पाठक ने बड़ी चालाकी से अपनी पोस्टिंग एमबीए के एसडीओ के पद पर करवा ली और वही बीस साल से लैब टेक्निशियन के पद को छोड़ एमबीए में एसडीओ का पद संभाल रहा है। इन बीस सालों में कितने ही अधिकारी विशवविद्यालय में आए और चले गए, कई अधिकारी तो उसके खास रहे हैं लेकिन कोई भी अनिल पाठक का कुछ नहीं कर सका या फिर किसी कारण से करना ही नहीं चाहा। अभी भी जब आरटीआई कार्यकर्ता ने उसके पद और अन्य जानकारी जानना ताही तो विभाग ने उसकी जानकारी देने से इंकार कर दिया ।

आरटीआई कार्यकर्ता को दिखाने पड़े राज्य सूचना आयोग और सुप्रीम कोर्ट के आदेश –

विश्वविद्यालय में कई गड़बड़ियां है लेकिन कोई मानने को भी तैयार नहीं है, यहां तक कि जब समाजसेवी और आरटीआी कार्यकर्ता जय आहूजा और ललित पारिख ने जानकारी नहीं मिलने पर जब वापस कुलपति से अपिल की और जानकारी चाही तो उन्होंने फिर से उनको कर्मचारी की जानकारी नहीं देने की बात कही। इस पर दोनों ने उनको राज्य सूचना आयोग और सुप्रीम कोर्ट का आदेश दिखाते हुए जिसमें आयोग और कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि “किसी भी कर्मचारी की जानकारी देना अनिवार्य है” का हवाला दिया तब कहीं जाकर अधिकारियों ने उनको सात दिन में जानकारी देने की बात कही लेकिन बीस दिन बीतने के बाद भी उनको कोई जानकारी विभाग ने नहीं दी। अब वे राज्य सूचना आयोग में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं।

वर्सन –

इस विषय पर जब डीएवीवी के रजिस्ट्रार अजय वर्मा से बात की तो उनका कहना था कि विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की कमी है जिसके कारण कई पद खाली रहते हैं तब जहां पर किसी की जरुरत होती तो उसे वहां पर नियुक्त कर देते हैं हालांकि यह मेरे समय की बात नहीं और मुझे इस विषय पर अभी कोई जानकारी भी नहीं है अब आप बता रहे हैं तो मैं इसकी जानकारी निकलवाता हूं। सूचना के अधिकार में जानकारी की बात पर भी अनभिज्ञता जाहिर की और कहा कि इसकी जानकारी निकलवा कर बताता हूं।
अजय वर्मा, रजिस्ट्रार

इस विषय पर जब कुलपति रेणु जैन से बात करनी चाही तो उन्होंने कहा कि वे अभी बाहर है वहां से आकर ही कुछ बता पाएंगी।

समाजसेवी ललित पारिक ने शिकायत की है कि लैब टेक्नीशियन अनिल पाठक की जानकारी सूचना के अधिकार में मांगने के बाद भी विभाग ने उनको समय सीमा में नहीं दी। बावजूद इसके विभाग ने अनिल पाठक के द्वारा स्वयं की जानकारी नहीं देने की सूचना उनको दी है जबकि सूचना के अधिकार में मांगी गई 6 बिंदुओं पर जानकारी देना कानूनन है। इसके खिलाफ जब उन्होंने प्रथम अधिकारी को जानकारी देने के लिए आवेदन दिया तो उसके बाद भी कई महीनों तक उनकी सुनवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।

उन्होंने आरोप लगाया है कि लैब टेक्नीशियन अनिल पाठक को जानबूझकर एमबीए में प्रभारी बनाकर बैठा रखा है जहां से अधिकारियों को अतिरिक्त लाभ भी होता है। ललित पारीक ने कहा है कि वह इसके खिलाफ राज्य सूचना आयोग में अपील कर आगे की कार्रवाई के लिए आवेदन लगाएंगे। उनका तो यह भी कहना है कि यदि सूचना के अधिकार के तहत जानकारी नहीं देना सीधा-सीधा कानून का उल्लंघन है और यदि ऐसा ही है तो देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में सूचना के अधिकार पर प्रबंध ही लगा देना चाहिए। - ललित पारीक, प्रदेश अध्यक्ष - अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संघ

अधिकारियों की मिली भगत से पहले भी कई गड़बड़िया हो चुकी है विवि में –

इससे से पहले भी विश्वविद्यालय में इस प्रकार की गई गड़बड़िया उजागर हो चुकी हैं। कुछ साल पहले भी विश्वविद्यालय का एक मामला सामने आया था जिसमें सुगनी देवी कॉलेज के प्रोफेसर विश्वविद्यालय में भी कार्यरत थे और दोनो संस्थानों से लगातार कई सालों तक वेतन भी लेते रहे जबकि वे पढ़ाते तो सुगना देवी क़ॉलेज में थे और विश्वविद्यालय में आते ही नहीं थे। बावजूद उसके लाखों रुपए का वेतन उन्होंने अधिकारियों की मिलीभगत से विश्वविद्यालय से लिया था।

सूचना के अधिकार का नियम

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6 (3) के तहत कर्मचारी की जानकारी देना आवश्यक है। कोई भी संस्थान, विभाग या अधिकारी इससे इंकार या फिर भ्रमित नहीं कर सकती है। किसी भी कर्मचारी की चाही गई जानकारी कानूनन देना जरूरी है इसके लिये एक प्रकरण में लोक सूचना अधिकारी अधिष्ठाता चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल को निर्देशित कर 19 अप्रैल 2023 को डॉ ए.के श्रीवास्तव अपीलीय अधिकारी ने एक फैसला देते हुए संबंधित विभाग को आदेश भी दिया है।

आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा चाही गई जानकारी

आरटीआई कार्यकर्ता ने सूचना के अधिकार में उक्त कर्मचारी की नियुक्ति, हर 12 माह बाद घोषित की गई चल अचल संपत्ति की जानकारी, विभाग से मिलने वाली सैलरी, नियुक्ति के बाद जिस पद पर कार्य कर रहे हैं उसकी जानकारी के साथ ही अन्य बिंदु पर जानकारी मांगी गई थी जो विभाग ने उनको नहीं दी। इसी प्रकार से एक आदेश में अपीलार्थी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 9 मार्च 2017 को केसली जिला सागर के एक प्रकरण में लोक सूचना अधिकारी को निर्देशित करते हुए जानकारी देने के साथ ही 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

 

इंदौर का EWS सिंडिकेट: F’ श्रेणी के PAN कार्ड से EWS की जमीन पर जादूगरी, शपथ पत्र का मखौल रसूखदारों गरीबों ने हथियाए दर्जनों प्लॉट्स!  
“गरीब नहीं, पेशेवर लाभार्थी: ईडब्ल्यूएस योजना में ‘सीरियल अलॉटी’, थोक निवेश और बिल्डर–खरीदार का खेल”
EWS-LIG महाघोटाला भाग 1 – गरीबों के हक़ पर डाका – ईडब्ल्यूएस के प्लॉट बने अमीरों का ‘लैंड बैंक'”
Indore Light House Project – इंदौर के 128 करोड़ के “लाइट हाउस प्रोजेक्ट” की खुली पोल, कई शिकायतें, प्रशासन मौन
कनक स्मार्ट सिटी में “भागीरथपुरा पार्ट-2” की आशंका: दूषित पानी से जान का खतरा
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Telegram Email Copy Link
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Surprise0
Cry0
Bysadbhawnapaati
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।
Previous Article अयोध्या राम मंदिर अयोध्या आंखों देखी पार्ट 1 : अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से काफी पहले 1986 में एक समाधि के नीचे भी रखा है “टाइम कैप्सूल”
Next Article Ram Mandir Udghatan: Indore Mayor Pushyamitra Bhargav राम मंदिर से दिक्कत क्यों, इंदौर महापौर की चेतावनी

Stay Connected

FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
WhatsAppFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

ख़ास ख़बरें..

australian open 2026 final match video highlights.
इतिहास रच दिया! एलेना रिबाकिना ने सबालेंका को हराकर जीता पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 टाइटल – थर्ड सेट में धमाकेदार कमबैक!
खेल
January 31, 2026
EOW News Indore
40 लाख के बैंक ऋण फर्जीवाड़े का खुलासा, EOW इंदौर ने दर्ज की FIR
अपराध
January 31, 2026
T20 World Cup 2026: ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका! कप्तान चोट के कारण बाहर, कंगारू टीम ने किए दो बड़े बदलाव
खेल
January 31, 2026
St. Thomas Senior Secondary School Ajmer
सेंट थामस सिनीयर सेकेंडरी स्कूल अजमेर में वार्षिक दिवस एवं पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न
शिक्षा
January 31, 2026
ईमानदारी व कृतव्यनिष्ठा कि मिशाल बने रेलवेकर्मी जोताराम देवासी
ईमानदारी व कृतव्यनिष्ठा कि मिशाल बने रेलवेकर्मी जोताराम देवासी
यात्रा और पर्यटन
January 27, 2026
गणतंत्र दिवस पर सहायक निदेशक सम्मानित
गणतंत्र दिवस पर सहायक निदेशक सम्मानित
प्रशासन
January 27, 2026
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग लालजी तिवारी इंदौर
घटिया सेवा पर उपभोक्ता आयोग सख्त, ‘बॉडी फिट’ कंपनी को 1.75 लाख से अधिक लौटाने के आदेश
कोर्ट / कानून
January 24, 2026
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग इंदौर
भ्रामक विज्ञापन और अधूरा निर्माण पड़ा भारी, उपभोक्ता आयोग का सख्त फैसला
कोर्ट / कानून
January 24, 2026

You Might also Like

Gold Dust Colony Mhow Indore
इंदौररियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर

गोल्ड डस्ट कॉलोनी के रहवासी तरस रहे हैं मूलभूत सुविधाओं को — डीएचएल इंफ्रा पर फिर उठे सवाल

October 29, 2025
इंदौररियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर

डीएचएल इंफ्राबुल की आइकॉन थर्ड कॉलोनी: 11 साल बाद भी खेत में तब्दील, निवेशकों के सपने अधूरे

October 27, 2025
Gallantry Landmark Colony Mhow Indore
इंदौररियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर

डीएचएल इंफ्रा की ‘सपनों की कॉलोनियों’ में निवासियों का काला सच: गैलेंट्री लैंडमार्क में 15 साल बाद भी जंगल जैसी हालत, खुला कुआं और बीमारियां बढ़ा रहीं मुसीबत

October 25, 2025
इंदौररियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर

टैक्स चोरी.! रेरा की मिलीभगत या कॉलोनीनाइजर की साजिश.? कलेक्टर दे रहे कंप्लीशन सर्टिफिकेट, रेरा कह रहा प्रोजेक्ट ऑन गोइंग

October 18, 2025
Previous Next
Sadbhawna Paati - Indore News in hindi, Indore News TodaySadbhawna Paati - Indore News in hindi, Indore News Today
Follow US
© 2026 Sadbhawna Paati News. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?