अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की सेनाओं ने रविवार देर रात कुवैत में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने वाली दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया। यह घटना 8 अप्रैल 2026 से लागू युद्धविराम को गंभीर चुनौती दे रही है।
CENTCOM के अनुसार, हमले की सूचना स्थानीय समयानुसार रात 11 बजे आई, जब ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को कुवैती वायु रक्षा प्रणालियों ने भी रोका। किसी भी अमेरिकी या कुवैती सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और सभी खतरनाक मिसाइलों को लक्ष्य से पहले ही नष्ट कर दिया गया।
यह तनाव पिछले 48 घंटों में तेजी से बढ़ा है। शनिवार को ईरान ने एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराया था, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर आत्मरक्षा में हमले किए। इसके बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने सिरिक द्वीप पर स्थित अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाकर सफल हमला किया, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
CENTCOM ने आधिकारिक बयान में कहा, “अमेरिकी बलों ने कुवैत में तैनात सैनिकों को लक्षित करने वाली दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया। इन मिसाइलों को तुरंत नष्ट कर दिया गया और किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं हुआ। CENTCOM ईरानी आक्रामकता से अपने बलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहेगा और युद्धविराम का समर्थन करता रहेगा।”
युद्धविराम के बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव कम नहीं हुआ है। स्ट्रेट ऑफ हरमुज को फिर से खोलने और युद्धविराम को बढ़ाने की बातचीत ठप पड़ी हुई है। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार हो रहे उल्लंघन पूर्ण संघर्ष की ओर ले जा सकते हैं।
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और सभी पक्षों से संयम बरतने तथा संवाद की राह अपनाने की अपील की है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देश अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा और क्षेत्रीय ऊर्जा ढांचे की स्थिरता को लेकर चिंतित हैं।
यह घटना खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका-ईरान संबंधों की नाजुकता को उजागर करती है। वाशिंगटन ने स्पष्ट किया है कि वह रक्षात्मक मुद्रा में है, लेकिन आगे किसी भी उकसावे का उचित जवाब दिया जाएगा। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन आने वाले दिनों में यह तय होगा कि युद्धविराम बच पाएगा या क्षेत्र नये संघर्ष की आग में घिर जाएगा।


