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विदेशी मुद्रा भंडार:  देश का खजाना हुआ कम, स्वर्ण भंडार में भी आई गिरावट

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विदेशी मुद्रा भंडार:  देश का खजाना हुआ कम, स्वर्ण भंडार में भी आई गिरावट

 

17 सितंबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.47 अरब डॉलर कम होकर 639.642 अरब डॉलर पर पहुंच गया। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार एक स्वस्थ अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। यह आयात को समर्थन देने के लिए आर्थिक संकट की स्थिति में अर्थव्यवस्था को बहुत आवश्यक मदद उपलब्ध कराता है। इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले 10 सितंबर 2021 को समाप्त सप्ताह में इसमें 1.34 अरब डॉलर की गिरावट आई थी और यह 641.113 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था। उससे पहले तीन सितंबर 2021 को समाप्त सप्ताह में यह 8.895 अरब डॉलर बढ़कर 642.453 अरब डॉलर हो गया था।

इसलिए आई गिरावट
विदेशी मुद्रा भंडार में यह गिरावट विदेशी मुद्रा संपत्तियां (एफसीए) में कमी से आई है। एफसीए 89.2 करोड़ डॉलर घटकर 577.986 अरब डॉलर रह गईं। विदेशी मुद्रा संपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखी यूरो, पाउंड और येन जैसी दूसरी विदेशी मुद्राओं के मूल्य में वृद्धि या कमी का प्रभाव भी शामिल होता है।

स्वर्ण भंडार में भी गिरावट
इस दौरान देश का स्वर्ण भंडार 56.7 करोड़ डॉलर कम हुआ और 37.103 अरब डॉलर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास मौजूद देश का विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 40 लाख डॉलर घटकर 19.434 अरब डॉलर रह गया। मालूम हो कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) अपने सदस्यों को बहुपक्षीय ऋण देने वाली एजेंसी में उनके मौजूदा कोटा के अनुपात में सामान्य एसडीआर का आवंटन करता है।

देनदारियों का भुगतान करने में होता है विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग
विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग जरूरत पड़ने पर देनदारियों का भुगतान करने में किया जाता है। इसमें आईएमएफ में विदेशी मुद्रा असेट्स, स्वर्ण भंडार और अन्य रिजर्व शामिल होते हैं, जिनमें से विदेशी मुद्रा असेट्स सोने के बाद सबसे बड़ा हिस्सा रखते हैं ।

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