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म.प्र. खाद्य तेल एवं तिलहन व्यापारी (नियंत्रण) आदेश-2022 हुआ लागू, उल्लंघन पर होगी कार्यवाही

इन्दौर। मध्यप्रदेश खाद्य तेल एवं तिलहन व्यापारी (नियंत्रण) आदेश 2022 प्रभावशील हो गया है। इसके तहत सोयाबीन, सरसों, वनस्पति, मंगूफली, सनफ्लावर तथा पाम के खाद्य तेल एवं तिलहनों की स्टाक सीमा फुटकर तथा थोक व्यापारियों के लिये निर्धारित कर दी गई है।
अपर कलेक्टर अभय बेडेकर ने बताया कि आदेश के अनुसार खाद्य तेल की स्टाक सीमा फुटकर व्यापारी के लिये 30 क्विंटल, थोक व्यापारी के लिये 500 क्विंटल, बडे़ पैमाने पर उपभोक्ता (फुटकर व्यापारियों की बड़ी चैन) के तहत फुटकर दुकानों के लिये 30 क्विंटल तथा डिपो के लिये एक हतार क्विंटल और प्रस्संकरण कर्ता के लिये भण्डारण क्षमता के 90 दिन निर्धारित किये गये हैं।
इसी तरह खाद्य तिलहन के संबंध में फुटकर व्यापारी के लिये 100 क्विंटल, थोक व्यापारी के लिये दो हजार क्विंटल, प्रस्संकरणकर्ता के लिये खाद्य तेलों के 90 दिनों का उत्पादन, उत्पादन क्षमता की दैनिक सूचना के अनुसार सीमा तय की गई है।
बताया गया है कि प्रत्येक व्यापारी जिसमें थोक विक्रेता, फुटकर विक्रेता, रिफाईनर, मिलर, कमीशन अभिकर्ता, एक्सट्रैक्चर, आयातक, निर्यातक जिनके द्वारा खाद्य तेल एवं तिलहन का कय, विक्रय के लिये संग्रहण किया जाता है को निर्देशित किया गया है कि वे लेखे नियत प्रारूप “अ” में रखें।

जिसमें दिनांक, प्रारंभिक स्टॉक, आवक, योग, विक्रय की गई मात्रा, शेष स्टॉक, विशेष टीप का उल्लेख रहे।

साथ ही खाद्य तेल/तिलहन के स्टॉक की घोषणा नियमित रूप से की जाए। इसे भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल https://evegoils.nic.in पर अद्यतन किया जाए।
कोई भी व्यापारी जिसमें थोक विक्रेता, फुटकर विक्रेता, रिफाईनर, मिलर, कमीशन अभिकर्ता, एक्सट्रैक्चर, आयातक, निर्यातक या उसका अभिकर्ता या उसकी ओर से कार्य करने वाला व्यक्ति इस आदेश के किन्हीं उपबंधों का उल्लंघन नहीं करें।
उक्त निर्देशों का पालन कराने हेतु सक्षम प्राधिकारी प्रतिष्ठान की जांच करेंगे तथा नियंत्रण आदेश में उल्लेखित प्रावधानों का उल्लंघन करने की स्थिति में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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