भारत के पश्चिमी मोर्चे पर भविष्य की तैयारी का नया मंत्र

Dr Rajesh Jauhri
By
drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
2 Min Read

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का पश्चिमी कमान का हालिया दौरा केवल एक नियमित सैन्य निरीक्षण नहीं था, बल्कि यह भारतीय सेना की भविष्य उन्मुख सोच और बदलते युद्धक परिवेश के प्रति उसकी तैयारी का स्पष्ट संकेत भी है। पश्चिमी क्षेत्र भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है, जहां पारंपरिक सैन्य चुनौतियों के साथ-साथ तकनीकी एवं हाइब्रिड युद्ध की आशंकाएं भी निरंतर बढ़ रही हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच जितने भी युद्ध हुए हैं और आतंकियों की जितनी भी घुसपैठ होती है, वह इसी सीमा से होती है।

सेना प्रमुख ने पश्चिमी कमान की ऑपरेशनल तैयारी, युद्धक क्षमता, आधुनिकीकरण कार्यक्रमों तथा राष्ट्र-निर्माण संबंधी पहलों की समीक्षा करते हुए जिस प्रकार उभरती प्रौद्योगिकियों, नवाचार और डेटा-केंद्रित क्षमताओं पर बल दिया, वह आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति को समझने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। आज युद्ध केवल हथियारों और सैनिकों की संख्या से नहीं, बल्कि सूचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर क्षमताओं और त्वरित निर्णय प्रक्रिया से भी प्रभावित होता है।

जनरल द्विवेदी का यह संदेश महत्वपूर्ण है कि सेना को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अपनी परिचालन चुस्ती और युद्धक तत्परता को लगातार सुदृढ़ करना होगा। डेटा-आधारित सैन्य संरचना और तकनीकी नवाचार न केवल निर्णय लेने की गति बढ़ाते हैं, बल्कि वास्तविक समय में युद्धक्षेत्र की सटीक तस्वीर भी उपलब्ध कराते हैं। इससे कमान और नियंत्रण व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है।

दौरे के दौरान उत्कृष्ट सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सैनिकों एवं अधिकारियों का सम्मान भी किया गया। यह कदम सैन्य बलों के मनोबल को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देता है।

वर्तमान वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में, जहां पारंपरिक और अपारंपरिक खतरे एक साथ मौजूद हैं, भारतीय सेना का तकनीकी रूपांतरण और क्षमता-विकास की दिशा में यह प्रयास राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।

Share This Article
Follow:
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families