DRDO का LRLACM सफल परीक्षण: सटीक दूरस्त प्रहार क्षमता का नया मील का पत्थर

Dr Rajesh Jauhri
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drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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सोमवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से DRDO द्वारा लॉन्च किया गया लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) का सफल उड़ान परीक्षण भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 1000 से 1500 किलोमीटर तक की मारक क्षमता वाला यह सबसोनिक मिसाइल मोबाइल प्लेटफॉर्म से छोड़ा गया और चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से पूर्ण रूप से ट्रैक किया गया। परीक्षण में प्रोपल्शन, गाइडेंस, नेविगेशन तथा वारहेड सिस्टम सहित सभी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।

एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADE) के नेतृत्व में भारतीय उद्योग जगत के मजबूत सहयोग से विकसित यह मिसाइल निरभय कार्यक्रम की निरंतरता का प्रतीक है। ब्रह्मोस जैसे सुपरसोनिक सिस्टम के साथ यह सबसोनिक विकल्प भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना को दुश्मन क्षेत्र में गहरे सटीक प्रहार की स्टैंडऑफ क्षमता प्रदान करेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टीम को बधाई देते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ठोस कदम बताया।

भारत की रणनीतिक चुनौतियों को देखते हुए LRLACM का विकास अत्यंत प्रासंगिक है। वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में जहां सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव बरकरार है, लंबी दूरी के क्रूज मिसाइलों से सशस्त्र बलों को बिना संपर्क जोखिम के लक्ष्य भेदने की क्षमता मिलती है। यह न केवल पारंपरिक युद्ध में बल्कि आधुनिक हाइब्रिड परिदृश्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मिसाइल की मोबाइल लॉन्च क्षमता इसे दुश्मन के लिए पता लगाना और नष्ट करना और भी कठिन बनाती है।

DRDO और भारतीय उद्योग के बीच बढ़ते समन्वय से स्पष्ट है कि देश अब रक्षा प्रौद्योगिकी में निर्भरता कम करने की राह पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है। LRLACM का सफल परीक्षण मात्र एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि रणनीतिक स्वायत्तता की दिशा में एक मजबूत संदेश है। आने वाले समय में इस मिसाइल के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एकीकरण और आगे के संस्करणों के विकास से भारत की deterrent credibility और बढ़ेगी।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का यह सफर निरंतर प्रगति की मिसाल है। LRLACM जैसी उपलब्धियां न केवल सशस्त्र बलों को सशक्त बनाती हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत को एक विश्वसनीय रक्षा प्रौद्योगिकी शक्ति के रूप में स्थापित करती हैं।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families