भारतीय वायुसेना ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। स्क्वाड्रन लीडर भावना कांथ ने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (TACDE) के कठिन 20-सप्ताह के फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा कर वायुसेना की पहली महिला ‘टॉप गन’ बन गईं। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत गौरव नहीं, बल्कि भारतीय सैन्य रणनीति और लैंगिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
2016 में अवनि चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों में शामिल हुईं भावना कांथ ने तब से निरंतर बाधाएं तोड़ी हैं। मिग-21 बाइसन पर सोलो उड़ान और सु-30 एमकेआई पर परिचालन, ये सभी कदम उनके संकल्प के प्रमाण हैं। 2021 की गणतंत्र दिवस परेड फ्लाईपास्ट में नेतृत्व सहित कई प्रथम उपलब्धियां उनके खाते में हैं।
FCL पाठ्यक्रम को अमेरिकी नौसेना के ‘टॉप गन’ के समकक्ष माना जाता है। इसमें चयन अत्यंत कठोर है, केवल एक प्रतिशत से भी कम फाइटर पायलट इसमें जगह पाते हैं। उन्नत हवाई युद्ध रणनीति, मिशन प्लानिंग, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और आधुनिक युद्ध के जटिल आयामों में दक्षता हासिल कर भावना अब न केवल पायलट, बल्कि सामरिक नेतृत्व की भूमिका निभाने योग्य हो गईं हैं।
यह उपलब्धि वायुसेना की उस सोच को मजबूत करती है, जिसमें क्षमता को जेंडर से ऊपर रखा जाता है। आज जब भारत अपनी वायु शक्ति को बहुआयामी बना रहा है, तब भावना कांथ जैसी अधिकारी रणनीतिक गहराई और परिचालन कुशलता का प्रतीक बन रही हैं। रक्षा मंत्रालय और अनुभवी अधिकारियों की प्रशंसा इस बात की पुष्टि करती है कि महिलाएं अब वायुसेना के अभिजात मुकाबला दल का अभिन्न अंग हैं।
स्क्वाड्रन लीडर भावना कांथ का यह सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। आकाश अब किसी सीमा का बंधन नहीं, बल्कि समान अवसर का विस्तार है।


