सेना के अलावा 670 केंद्रीय पुलिस बलों की कम्पनियाँ भी करेंगी इस बार अमरनाथ यात्रा मार्ग की निगरानी, जीओसी उत्तरी कमान ने दिल्ली तैयारियाँ

Dr Rajesh Jauhri
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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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भारतीय सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतिक शर्मा ने कल पहलगाम और चंदनवाड़ी का दौरा कर अमरनाथ यात्रा के दक्षिणी मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रही है। इस उच्चस्तरीय निरीक्षण में चिनार कोर कमांडर के साथ उन्होंने मैदानी स्तर पर तैनात यूनिटों का जायजा लिया और मौसम, भू-भाग तथा संभावित खतरों से निपटने की रणनीति पर चर्चा की।

उत्तरी कमान ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर प्रशासन, केंद्रीय पुलिस बल और स्थानीय पुलिस, के साथ निर्बाध समन्वय के माध्यम से तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस वर्ष यात्रा में 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पंजीकरण हो चुके हैं। गृह मंत्रालय ने रिकॉर्ड 670 कंपनियों की सीएपीएफ तैनाती मंजूर की है। सेना ने ऊंचाई वाले इलाकों में मजबूत पोजीशनिंग, स्पेशल माउंटेन रेस्क्यू टीमें, स्निफर डॉग्स और एंटी-सेबोटाज चेकिंग के साथ बहुस्तरीय सुरक्षा जाल बिछाया है।

रणनीतिक दृष्टि से अमरनाथ यात्रा न केवल धार्मिक महत्व की है बल्कि क्षेत्र में शांति, समन्वय और नोर्मलसी का प्रतीक भी। विगत में यात्रा आतंकी हमलों का शिकार रही है। वर्ष 2000 में पहलगाम के नुनवान बेस कैंप पर हुए हमले में 30 से अधिक यात्री और स्थानीय नागरिक शहीद हुए थे। 2001 में शेषनाग में और 2017 में अनंतनाग में बस पर हमले में आठ श्रद्धालु मारे गए। इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को सबक दिया है।

आज की तैयारियां पिछले अनुभवों पर आधारित हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, निगरानी प्रणाली और सामुदायिक सहयोग से हाल के वर्षों में यात्रा सुचारू रही है। स्थानीय नेता भी कश्मीरी मेहमाननवाजी का आह्वान कर रहे हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा का यह दौरा स्पष्ट संदेश देता है कि भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। यात्रा की सफलता न केवल श्रद्धा का उत्सव होगी बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता की मजबूती भी साबित करेगी।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families