आधुनिक युद्धक्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अब केवल सहायक उपकरण नहीं, बल्कि निर्णायक रणनीतिक संपत्ति बन चुकी है। इसी दृष्टि को मजबूत करते हुए, रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ (HQ IDS) ने भविष्य के सैन्य नेताओं को AI के रणनीतिक एवं नैतिक उपयोग के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC), वेलिंगटन में DSSC-82 कोर्स के छात्र अधिकारियों के लिए आयोजित विशेष व्याख्यान में विंग कमांडर (रि.) रोहन चंदक, जो आईआईटी बॉम्बे के टेक्नोक्राफ्ट सेंटर फॉर अप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रोग्राम डायरेक्टर हैं, ने “प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग” पर विस्तृत चर्चा की। व्याख्यान का केंद्रबिंदु लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) की पूरी क्षमता को अनलॉक करने वाली प्रभावी प्रॉम्प्ट तैयार करने की तकनीकें तथा AI से जुड़ी नैतिक चुनौतियां रहीं।
छात्र अधिकारियों को बताया गया कि सही प्रॉम्प्ट कैसे तैयार किए जाएं, ताकि AI सिस्टम से सटीक, संदर्भ-समृद्ध और व्यावहारिक आउटपुट प्राप्त हो सके। यह कौशल खुफिया विश्लेषण, परिदृश्य निर्माण, लॉजिस्टिक प्लानिंग और यहां तक कि वास्तविक समय की रणनीतिक निर्णय-प्रक्रिया में क्रांतिकारी साबित हो सकता है। व्याख्यान में AI में अंतर्निहित पूर्वाग्रह (bias), जिम्मेदार उपयोग और संभावित जोखिमों को कम करने के उपायों पर भी गहन चर्चा हुई।
विंग कमांडर चंदक ने जोर दिया कि AI को मात्र तकनीकी उपकरण के रूप में नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी के साथ अपनाना होगा। सैन्य संदर्भ में गलत आउटपुट या पूर्वाग्रही निर्णय जान-बूझकर दुश्मन के पक्ष में जा सकते हैं। इसलिए, भावी कमांडरों को AI की क्षमताओं के साथ-साथ उसकी सीमाओं को भी समझना अत्यंत आवश्यक है।
यह पहल भारत की समग्र रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाई देने वाली है। आज जब चीन और अन्य शक्तियां AI को युद्धक कौशल में एकीकृत कर रही हैं, तब HQ IDS का यह प्रयास भारतीय सशस्त्र बलों को प्रौद्योगिकी-प्रधान भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। DSSC जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में ऐसे कार्यक्रम न केवल ज्ञान का विस्तार करते हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की बुनियाद को मजबूत बनाते हैं।
रक्षा क्षेत्र में AI का नैतिक और रणनीतिक एकीकरण अब विकल्प नहीं, अनिवार्यता है। ‘रक्षा सम्वाद’ का मानना है कि ऐसे प्रयास भारत को वैश्विक स्तर पर AI-सक्षम सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


